वृषभानु की दुलारी बड़ी प्यारी लागे

वृषभानु की दुलारी बड़ी प्यारी लागे,
पयारी लागे सुकुमारी लागे,
मेरी छोटी सी मेरी नन्ह्नी सी,
किशोरी बड़ी प्यारी लागे,

रंग रंगीली छैल छबीली,
छैल छबीली गुण गरविली,
रूप रसीली अति शर्मीली,
ये तो कोटि चन्द्र उजियारी लागे,
वृषभानु……..

बृजेश्वरी राजेश्वरी राधा,
परिपूर्ण परमेश्वरि राधा,
तीन लोकन से न्यारी लागे
वृषभानु……..

अरे छोटी सी किशोरी के पाँव में पायलियाँ
पाँव में पायलियाँ रे पाँव में पायलियाँ
वा तो नाचे जब छमा छम
छम छम बजै
वृषभानु……..

प्रेम देव पट रानी राधा,
वरदानी कल्याणी राधा,
नीज दीन की मधुप हितकारी लाग
वृषभानु……..

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ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥