मोहे मोर बनइय्यो राधा अपने वृन्दावन को

मोहे मोर बनइय्यो राधा अपने वृन्दावन को
मैं नाच नाच कूद के तुमको रिझाऊंगी
मोहे बंदर बनइय्यो तो बनइय्यो सेवा कुंज को
मैं कूद फांद ब्रज में जोर दिखाऊंगी
मैं कूद फांद ब्रज में जोर दिखाऊंगी

मोहे भिक्षुक बनइय्यो तो बनइय्यो गोवर्धन को
मैं मांग मांग टुक ब्रजवासियों के खाउंगी
मोहे रसिक बनइय्यो तो बनइय्यो बरसाने को
मैं आठों यम राधा राधा राधा नाम गाऊंगी
मैं आठों यम राधा राधा राधा नाम गाऊंगी

राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा

मोहे तिलक बनइय्यो राधा अपने मस्तक को
मैं तीन लोगों के सर का ताज बन जाउंगी

Full lyrics at Bharatlyrics.com: मोहे मोर बनइय्यो राधा अपने वृन्दावन को Mohe Mor Banaiyo Radha Apne Vrindavan Ko Lyrics – Kratika Thakur

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ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥