bhagwatgeeta ka sar

हारे का तू है सहारा सांवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे,
हारे का तू है सहारा साँवरे,
हमने भी तुझको पुकारा साँवरे,
नहीं और सहा जाए,
हम बोल कहाँ जाये,
हारे का तू है सहारा सांवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे।

हमे अपनी आँखों से दूर नहीं करना,
हम रो पड़ेंगे मज़बूर नहीं करना,
अपनों के सताए हैं,
तेरी शरण में आये हैं,
हारे का तू है सहारा सांवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे।

हम है कितने हारे, परछाई कह रही है,
आँखों से दिल की सच्चाई बह रही है,
ये नीर जो बहता है,
रो रो के कहता है,
हारे का तू है सहारा सांवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे।

कितने भी हमपे हँसे ये ज़माना,
संजू कन्हैयाँ से नाता है पुराना,
संतोष यही मन में तुम हो मेरे जीवन में,
हारे का तू है सहारा सांवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे।

हारे का तू है सहारा साँवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे,
हारे का तू है सहारा साँवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे,
नहीं और सहा जाए,
हम बोल कहाँ जाये,
हारे का तू है सहारा सांवरे,
हमने भी तुझको पुकारा सांवरे।

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ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥